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गठिया (आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸) की परिà¤à¤¾à¤·à¤¾ कà¥à¤¯à¤¾ है?
आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸, जोड़ों की अधिक सूजन है और यह à¤à¤• या कई जोड़ों को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करती है। आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के कई अलग-अलग पà¥à¤°à¤•ार हैं और पà¥à¤°à¤•ार के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° कारण और उपचार के तरीके हैं। आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के दो सबसे आम पà¥à¤°à¤•ारों में रूमेटोइड आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ (आरà¤-RA) और ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤†à¤°à¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ (ओà¤-OA) शामिल हैं। आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के लकà¥à¤·à¤£ सà¥à¤¥à¤¿à¤° नहीं होते हैं और यह समय के साथ विकसित होते हैं। किसी के लिठयह कहना संà¤à¤µ नहीं है कि इस समय अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ होगा या नहीं।
आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° वयसà¥à¤•ों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ अनà¥à¤à¤µ किया जाता है जो 65 वरà¥à¤· से अधिक उमà¥à¤° के हैं, हालांकि, à¤à¤¸à¥€ à¤à¥€ संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤à¤‚ हैं कि यà¥à¤µà¤¾ वयसà¥à¤•ों, बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ और किशोरों को à¤à¥€ à¤à¤¸à¤¾ ही अनà¥à¤à¤µ हो सकता है। पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में महिलाओं को आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ का अनà¥à¤à¤µ जलà¥à¤¦à¥€ होता है। आजकल काम के दबाव और गतिविधियों में अंतर को देखते हà¥à¤ कम उमà¥à¤° की महिलाओं को à¤à¥€ आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो रही है। इस तथà¥à¤¯ के बावजूद कि आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के पà¥à¤°à¤•ार मौजूद हैं, लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में जोड़ों में जकड़न, सूजन, गरà¥à¤®à¥€, दरà¥à¤¦ और लालिमा होने की सबसे अधिक संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ है।
गठिया (आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸) के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ है या नहीं, यह समà¤à¤¨à¥‡ के लिठलगातार जोड़ों का दरà¥à¤¦ और जकड़न दो सबसे आम लकà¥à¤·à¤£ हैं। मोशन की सीमा à¤à¥€ कम हो सकती है और वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को जोड़ों के आसपास लालिमा का अनà¥à¤à¤µ हो सकता है। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° लोग आमतौर पर सà¥à¤¬à¤¹ के समय लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को नोटिस करते हैं। रà¥à¤®à¥‡à¤Ÿà¥€à¤‡à¤¡ आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के मामले में, इमà¥à¤®à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® में गतिविधियों के कारण होने वाली सूजन के कारण वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को थकान महसूस हो सकती है या à¤à¥‚ख कम लग सकती है।
इस बात की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ है कि वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में रेड बà¥à¤²à¤¡ सेलà¥à¤¸ की संखà¥à¤¯à¤¾ कम हो, जिससे वह à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤• हो जाà¤à¥¤ यदि इसका ठीक से इलाज नहीं किया जाता है, तो वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ जॉइंटà¥à¤¸(जोड़ों) की डेफोरà¥à¤®à¤¿à¤Ÿà¥€ के पीड़ित हो सकता है। ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤†à¤°à¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के लिà¤, जो सबसे आम रूपों में से à¤à¤• है, इसका कारण जोड़ों में संकà¥à¤°à¤®à¤£ या चोट हो सकता है जिससे कारà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¥‡à¤œ टिशà¥à¤¯à¥‚ का टूटना हो सकता है। यह à¤à¤¸à¥€ बीमारियों के पारिवारिक इतिहास के कारण à¤à¥€ हो सकता है।
गठिया (आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸) का दरà¥à¤¦ कैसा महसूस होता है?
दरà¥à¤¦ आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ का पहला लकà¥à¤·à¤£ है, जिसे आरà¥à¤¥à¥à¤°à¤¾à¤²à¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾ कहा जाता है। दरà¥à¤¦ की पà¥à¤°à¤•ृति आमतौर पर सà¥à¤¸à¥à¤¤ होती है लेकिन कà¤à¥€-कà¤à¥€ जलन की तरह महसूस होती है। दरà¥à¤¦ कà¥à¤› कारकों के कारण शà¥à¤°à¥‚ होता है जैसे बड़ी संखà¥à¤¯à¤¾ में सीढ़ियां चढ़ना, नियमित रूप से बागवानी करना आदि। यह आमतौर पर सà¥à¤¬à¤¹, दरà¥à¤¦ से शà¥à¤°à¥‚ होता है।
गठिया (आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸) के कारण कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
कारà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¥‡à¤œ à¤à¤• मजबूत लेकिन लचीला कनेकà¥à¤Ÿà¤¿à¤µ टिशà¥à¤¯à¥‚ है जो जोड़ में मौजूद होता है और यह हर बार दबाव पड़ने पर दबाव बनाकर और à¤à¤Ÿà¤•ा देकर उसकी रकà¥à¤·à¤¾ करता है। यदि कारà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¥‡à¤œ टिशà¥à¤¯à¥‚ की सामानà¥à¤¯ मातà¥à¤°à¤¾ मौजूद नहीं है या कम हो गई है, तो वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार के आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ अधिक होती है। यहां तक कि कà¥à¤› सामानà¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ होने पर(चोट) à¤à¥€ ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤†à¤°à¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ का कारण बन सकते हैं। यह परिवार के सदसà¥à¤¯à¥‹à¤‚ के समान चिकितà¥à¤¸à¤¾ इतिहास के कारण à¤à¥€ हो सकता है। आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ का à¤à¤• अनà¥à¤¯ सामानà¥à¤¯ रूप रà¥à¤®à¥‡à¤Ÿà¥€à¤‡à¤¡ आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ है जिसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° à¤à¤• ऑटोइमà¥à¤¯à¥‚न डिसऑरà¥à¤¡à¤° के रूप में माना जाता है।
यदि शरीर का इमà¥à¤®à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤®, शरीर में मौजूद टिशà¥à¤¯à¥‚ पर हमला करता है, तो वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को रूमेटोइड आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ का अनà¥à¤à¤µ हो सकता है। यह हमला शरीर में मौजूद सॉफà¥à¤Ÿ टिशà¥à¤¯à¥‚ की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को बाधित करता है जिससे à¤à¤• फà¥à¤²à¥‚इड बनता है जो आगे कारà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¥‡à¤œ को पोषण देता है और जोड़ों को चिकनाई देता है। बाद वाला पà¥à¤°à¤•ार संà¤à¤µà¤¤à¤ƒ जोड़ को नषà¥à¤Ÿ कर सकता है और अंततः हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और कारà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¥‡à¤œ दोनों के ख़राब होने का कारण बन सकता है। इसके सटीक कारणों का अà¤à¥€ पता नहीं चल पाया है।
गठिया (आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸) के पà¥à¤°à¤•ार
ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤†à¤°à¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸: यह आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ का सबसे पà¥à¤°à¤šà¤²à¤¿à¤¤ पà¥à¤°à¤•ार है। चोट या उमà¥à¤° बढ़ना आमतौर पर ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤†à¤°à¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ का कारण होता है।
ऑटोइमà¥à¤¯à¥‚न आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸: यह अचानक से, शरीर में फंकà¥à¤¶à¤¨à¤² सेलà¥à¤¸ पर हमला करने वाले इमà¥à¤®à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® के कारण होता है। इस गठिया का सबसे आम पà¥à¤°à¤•ार रूमेटोइड आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ है।
संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸: यह शरीर के à¤à¤• अलग हिसà¥à¤¸à¥‡ से, जोड़ों में फैलता है।
किशोर आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸: यह बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में होता है।
सोरियाटिक अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸: सोरायसिस से पीड़ित लोग इससे पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होते हैं।
गाउट: जब शरीर में यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ की मातà¥à¤°à¤¾ अधिक हो जाती है, तो इससे गाउट हो जाता है। यह आमतौर पर पैर की उंगलियों से निकलती है। आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ को ठीक नहीं किया जा सकता है लेकिन कई उपचार उपलबà¥à¤§ हैं जो दरà¥à¤¦ को सफलतापूरà¥à¤µà¤• कम कर सकते हैं।
गठिया (आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸) के 3 पà¥à¤°à¤•ार कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
कई पà¥à¤°à¤•ार के आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ मौजूद हैं, जिनमें से तीन सबसे आम हैं जो पूरी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करते हैं। पहला पà¥à¤°à¤•ार ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹-आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ है, जो सबसे आम रूप है और वृदà¥à¤§à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ समूह आमतौर पर पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होते हैं। रà¥à¤®à¥‡à¤Ÿà¥€à¤‡à¤¡ आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ दूसरा है, जो à¤à¤• ऑटोइमà¥à¤¯à¥‚न बीमारी है, जबकि सोरियाटिक आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ तीसरा पà¥à¤°à¤•ार है जो तà¥à¤µà¤šà¤¾ और जोड़ों को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है।
आप गठिया (आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸) को बढ़ने से कैसे रोकते हैं?
यदि किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤†à¤°à¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ का डायगà¥à¤¨à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ किया जाता है, तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ रोग की पà¥à¤°à¤—तिशील पà¥à¤°à¤•ृति के बारे में चिंतित होना चाहिà¤à¥¤ किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार के आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के लिà¤, यदि वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• अवसà¥à¤¥à¤¾ में इसका पता लगाने में सकà¥à¤·à¤® हो रहा है, तो वे पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ को कम करने के लिठजीवनशैली में कà¥à¤› बदलाव करने की कोशिश कर सकते हैं। अधिकांश विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ की पà¥à¤°à¤—ति में मोटापा à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ योगदान कारक हो सकता है। वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करना चाहिठकि डैमेजà¥à¤¡ जोड़ पर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जोर न दिया जाठजो कि जोड़ की संरचनातà¥à¤®à¤• अखंडता(सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤•à¥à¤šà¤°à¤² इंटीगà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¥€) को खराब कर सकता है। यदि वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ शरीर के कम से कम पांच पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ वजन को कम करने में सकà¥à¤·à¤® है तो इससे बहà¥à¤¤ फ़रà¥à¥˜ पड़ेगा। वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करने के लिठकà¥à¤› अतिरिकà¥à¤¤ समय देकर, कà¥à¤› नियमित गतिविधियों को बदला जा सकता है। यदि वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को इमà¥à¤ªà¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ सà¥à¤ªà¥‹à¤°à¥à¤Ÿà¥à¤¸ में अधिक रà¥à¤šà¤¿ है, तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ आगे बढ़ने से पहले à¤à¤• चिकितà¥à¤¸à¤• को सà¥à¤à¤¾à¤µ देना पड़ सकता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे जोड़ों को अधिक नà¥à¤•सान हो सकता है। इसी तरह, वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को चिकितà¥à¤¸à¤• दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ दवाओं की सूची का पालन करना चाहिà¤à¥¤
गठिया (आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸) के निदान के लिठकौन से परीकà¥à¤·à¤£ किठजाते हैं?
आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ का निदान डॉकà¥à¤Ÿà¤° की मदद से सबसे अचà¥à¤›à¤¾ किया जाता है। वे आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ की उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करने के लिठà¤à¤• शारीरिक परीकà¥à¤·à¤£ करेंगे और यह परीकà¥à¤·à¤£ जोड़ों के आसपास फà¥à¤²à¥‚इड की उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ और जोड़ों की मोशन का मूलà¥à¤¯à¤¾à¤‚कन करता है। यदि वे गंà¤à¥€à¤° लकà¥à¤·à¤£ हैं जिनके साथ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ यह पता लगाने में सकà¥à¤·à¤® है कि यह जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ है, तो पहले से ही रà¥à¤®à¥‡à¤Ÿà¥‹à¤²à¥‰à¤œà¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ के साथ अपॉइंटमेंट लेना बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤®à¤¾à¤¨à¥€ है। यह तेजी से डायगà¥à¤¨à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ और उपचार में मदद कर सकता है। वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ जिस पà¥à¤°à¤•ार के आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ से पीड़ित है, उसे समà¤à¤¨à¥‡ के लिठसबसे पहले सूजन के सà¥à¤¤à¤° को निकाला जाà¤à¤—ा और उसका विशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£ किया जाà¤à¤—ा। बà¥à¤²à¤¡ टेसà¥à¤Ÿ, विशिषà¥à¤Ÿ पà¥à¤°à¤•ार के à¤à¤‚टीबॉडी की उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ करेगा।
कà¥à¤¯à¤¾ गठिया (आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸) का इलाज किया जा सकता है?
उपचार का मà¥à¤–à¥à¤¯ उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करना है कि वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को जोड़ों में दरà¥à¤¦ की मातà¥à¤°à¤¾ कम हो और जोड़ों में किसी à¤à¥€ तरह की कà¥à¤·à¤¤à¤¿ को रोका जा सके। कà¥à¤› लोग दरà¥à¤¦ को कम करने के लिठहीटिंग पैड या आइस पैक का उपयोग कर सकते हैं और कà¥à¤› दरà¥à¤¦ की तीवà¥à¤°à¤¤à¤¾ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° मोबिलिटी असिसà¥à¤Ÿà¥‡à¤‚स डिवाइसेस का उपयोग कर सकते हैं। हालांकि, यह उस वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ पर निरà¥à¤à¤° करता है जो आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ और अनà¥à¤¯ कारक जैसे उनकी उमà¥à¤°, हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की मजबूती आदि से पीड़ित है।
डॉकà¥à¤Ÿà¤° बेहतर परिणामों के लिà¤, रोगियों को उपचार विधियों का संयोजन à¤à¥€ लिख सकते हैं। कà¥à¤› चिकितà¥à¤¸à¤• रोगी की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° à¤à¤¨à¤¾à¤²à¥à¤œà¥‡à¤¸à¤¿à¤• और अनà¥à¤¯ à¤à¤‚टी-इंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ दवाओं जैसी दवाà¤à¤‚ लिख सकते हैं। दरà¥à¤¦ की तीवà¥à¤°à¤¤à¤¾ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ फिजिकल थेरेपी और सरà¥à¤œà¤°à¥€ की सलाह दी जाती है।
आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के कà¥à¤› नॉन-सरà¥à¤œà¤¿à¤•ल उपचार यहां दिठगठहैं:
जीवनशैली में बदलाव - कà¥à¤› दैनिक आदतें और जीवन में बदलाव बीमारी के पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤° को कम कर सकते हैं और दरà¥à¤¦ में à¤à¥€ मदद कर सकते हैं।
à¤à¤¸à¥€ गतिविधियों को कम करना जो सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को और ख़राब करती हैं।
उचà¥à¤š पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ वाली à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€à¤œ की बजाय, टखनों और पैरों पर जिनका पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ कम पड़ता हो वही à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€à¤œ करना।
जोड़ों पर वजन के पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ को कम करने, जोड़ों के कारà¥à¤¯ में वृदà¥à¤§à¤¿ और दरà¥à¤¦ में कमी के लिà¤, वजन को कम करना।
फिजिकल थेरेपी - कà¥à¤› वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® फà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸à¤¿à¤¬à¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ और मोशन की सीमा को बढ़ाने में मदद करते हैं। टखने और पैरों की मांसपेशियों को à¤à¥€ बनाया जा सकता है।
à¤à¤• फिजियोथेरेपिसà¥à¤Ÿ या डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपके लाइफ-सà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² और जरूरतों को पूरा करने के लिà¤, à¤à¤• अनà¥à¤•ूलित वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ बना सकते हैं। à¤à¤²à¥‡ ही फिजियोथेरेपी का उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ दरà¥à¤¦ को कम करना है, कà¤à¥€-कà¤à¥€ जोड़ों पर घरà¥à¤·à¤£ के कारण इसका विपरीत पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ सकता है। यदि à¤à¤¸à¤¾ होता है, तो à¤à¤• वैकलà¥à¤ªà¤¿à¤• उपचार की तलाश करने की आवशà¥à¤¯à¤•ता है और आपको तà¥à¤°à¤‚त अपने चिकितà¥à¤¸à¤• से परामरà¥à¤¶ करना चाहिà¤à¥¤
सहायक उपकरण(असिसà¥à¤Ÿà¤¿à¤µ डिवाइसेस) - बेंत(केन) के साथ चलने या बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¤¿à¤œà¤¼ पहनने से गतिशीलता में सà¥à¤§à¤¾à¤° हो सकता है। आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के लिठकसà¥à¤Ÿà¤® मेड जूते à¤à¥€ दरà¥à¤¦ को à¤à¥€ कम करते हैं।
दवाà¤à¤‚ - नेपà¥à¤°à¥‹à¤•à¥à¤¸à¤¨ और इबà¥à¤ªà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¨ जैसी दरà¥à¤¦ निवारक दवाà¤à¤‚ दरà¥à¤¦ और सूजन को कम करती हैं। कोरà¥à¤Ÿà¤¿à¤¸à¥‹à¤¨ इंजेकà¥à¤¶à¤¨ दरà¥à¤¦ को दूर कर सकते हैं और सूजन को पà¥à¤°à¤¬à¤‚धित करने में मदद कर सकते हैं। हालाà¤à¤•ि, ये सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ नहीं हैं। सरà¥à¤œà¤°à¥€ दरà¥à¤¦ में मदद करती है और जीवन को फिर से कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¶à¥€à¤² बनाती है। हालांकि पूरी तरह से ठीक होने में 9 महीने तक का समय लग सकता है।
कà¥à¤¯à¤¾ गठिया (आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸) का इलाज पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक रूप से किया जा सकता है?
चूंकि कोई विशिषà¥à¤Ÿ उपचार नहीं है जो आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ को पूरी तरह से ठीक कर सकता है, लोग दरà¥à¤¦ को कम करने के लिठपà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक उपचार करते हैं। सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ वजन बनाठरखने से ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤†à¤°à¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ की पà¥à¤°à¤—ति का खतरा कम हो सकता है और शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ चरणों में उनकी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ होने पर लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में काफी कमी आ सकती है। à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार उपचार का à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ हिसà¥à¤¸à¤¾ है।
आहार, à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚ट से à¤à¤°à¤¾ होना चाहिठजो वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को सूजन को और कम करने में मदद करेगा। आहार में तले हà¥à¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥, पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤¸à¥à¤¡ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ और अनà¥à¤¯ डेयरी उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ से बचना चाहिà¤à¥¤ à¤à¤• गà¥à¤²à¥‚टेन-फà¥à¤°à¥€ आहार रोग के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ और पà¥à¤°à¤—ति में सà¥à¤§à¤¾à¤° कर सकता है। जोड़ों को लचीला बनाठरखने में नियमित वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® सहायक होगा।
गठिया (आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸) में कà¥à¤¯à¤¾ खाना चाहिठऔर किस पà¥à¤°à¤•ार के खाने से बचना चाहिà¤?
यदà¥à¤¯à¤ªà¤¿ à¤à¤• उचित आहार, आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के उपचार का à¤à¤• तरीका हो सकता है, लेकिन कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ हैं जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ गआरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के दरà¥à¤¦ से पीड़ित लोगों के लिठसेवन में शामिल नहीं किया जा सकता है। इस तथà¥à¤¯ को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखते हà¥à¤ कि सूजन आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ का पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤• कारण है, सूजन और दरà¥à¤¦ को कम करने वाली पà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤‚गिक दवाà¤à¤‚ लेनी चाहिà¤à¥¤
पालन करने के लिठà¤à¤¸à¤¾ कोई विशिषà¥à¤Ÿ आहार नहीं है, इसलिठवà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को à¤à¥‹à¤œà¤¨ के सेवन पर चरà¥à¤šà¤¾ करने के लिठआहार विशेषजà¥à¤ž या चिकितà¥à¤¸à¤• से विचार-विमरà¥à¤¶ करना चाहिà¤à¥¤ à¤à¤‚टी-इंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को आहार में शामिल किया जाना चाहिठऔर तले हà¥à¤ और पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤¸à¥à¤¡ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥, नमक और पà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥‡à¤°à¥à¤µà¤Ÿà¤¿à¤µà¥à¥›, शà¥à¤—र वाले पदारà¥à¤¥, डेयरी उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦, शराब और तंबाकू जैसे खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से सखà¥à¤¤à¥€ से बचा जाना चाहिà¤à¥¤ दूसरी ओर, लहसà¥à¤¨, जामà¥à¤¨, बà¥à¤°à¥‹à¤•ोली, वसायà¥à¤•à¥à¤¤ मछली, अदरक, पालक और अनà¥à¤¯ ताजे फल और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ जोड़ों को बनाठरखने में मदद कर सकती हैं।
कà¥à¤¯à¤¾ गठिया (आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸) के लिठनींबू पानी पीना अचà¥à¤›à¤¾ है?
नींबू, अपने औषधीय गà¥à¤£à¥‹à¤‚ के कारण, आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ सहित कà¥à¤› सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ पर à¤à¤• सिदà¥à¤§ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ डालता है। à¤à¤¸à¥à¤•ॉरà¥à¤¬à¤¿à¤• à¤à¤¸à¤¿à¤¡ यानी विटामिन-सी और इसमें मौजूद à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट सूजन से लड़ने में मदद करते हैं। इसके अलावा, यह कोलेजन सिंथेसिस और टेंडन रिपेयर को बढ़ावा देता है, इमà¥à¤®à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® को बनाठरखता है, और सबसे महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ बात यह है कि यह शरीर को फà¥à¤°à¥€ रेडिकलà¥à¤¸ से छà¥à¤Ÿà¤•ारा पाने में मदद करता है, जो बीमारी का à¤à¤• पà¥à¤°à¤®à¥à¤– सà¥à¤°à¥‹à¤¤ है।
अगर मà¥à¤à¥‡ आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ है तो मà¥à¤à¥‡ कà¥à¤¯à¤¾ खाना चाहिà¤?
हालांकि खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का कोई सीधा पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ नहीं होता है, लेकिन वे आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ की गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ को कम करने में महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¥‡ हैं। उनमें से कà¥à¤› में वसायà¥à¤•à¥à¤¤ मछली, लहसà¥à¤¨, अदरक, बà¥à¤°à¥‹à¤•ोली, अखरोट, जामà¥à¤¨, पालक, जैतून का तेल, अंगूर और टारà¥à¤Ÿ चेरी का जूस शामिल हैं।
à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚ट से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होने के कारण, वे अपनी à¤à¤‚टी-इंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ से दरà¥à¤¦ से राहत दिलाने में मदद करते हैं, जबकि विटामिन डी से à¤à¤°à¤ªà¥‚र कà¥à¤› शरीर में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® के सà¥à¤¤à¤° को बनाठरखने में मदद करते हैं।
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